भारत के लिए २० अगस्त का दिन बेहतरीन साबित हुआ है। देश की झोली me एक कांस्य पदक आ गया और एक कम se कम पक्का हो गया। अभिनव के गोल्ड के बाद मिली इस दोहरी खुशी से पूरा देश झूम रहा है। उम्मीद करनी चाहिए की ये सिलसिला आगे बढेगा। अभिनव की जीत से इटर सुशिल और बिजेंद्र की जीत कुछ खास मायने रखती है। क्योंकि ये दोनों भारत की उस आबादी का हिस्सा है.जिनके हाथ बचपन से एक ही चीज़ आती है और वो है हर कदम पर संघर्ष। और जब जीत इस हिस्से से आती है तो देश की प्रगति की राह वास्तव में आसान नजर आती है। यही वो तबका है जहाँ देश की वास्तविक उर्जा छिपी है. इन दोनों के परिजनों का चेहरा पूरे देश ने देखा होगा और इनके पीछे छिपी उम्मीद भी। अब जरुरत है कि, इस जीत को आदत में बदलने के लिए देश के हुक्मरान इनामो की मौसमी बारिस करने के बाद चुप्पी साध कर न बेठे। शायद ये संकल्प का वक्त है।
स्वान्तः सुखाय चरिताब्ले ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया टीम
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