बापू को शत शत नमन । देश में चारो ओर आतंकी वारदातों से अमन चैन नष्ट हो रहा है । ऐसे में बापू की याद आना लाजिमी है। बापू ने देश के सामने आने वाले संकटों को अपने समय में ही समझ लिया था लेकिन जिस उत्साह से उनोहने आजादी की अलख जगाई थी वो उत्साह आजादी मिलने के बाद अपनों की सत्ता की लडाई के चलते शायद ख़तम हो गया था। इसीलिए उनोहने आजादी के बाद काग्रेस को भंग करने की सलाह तक दे डाली थी.लेकिन सत्ता के खातिर उनका गुणगान करने वाले नेताओ को न तो उनकी सलाह रास आई और न ही उनके आचार या विचारो पर देश को आगे ले जाने की ही सुध रह गई। आज देश के हर कोने में भय और आतंक का माहौल है और पॉलिटिकल पार्टिया एक दूसरे के मीन मेख निकलने में लगी है। बापू के जन्म दिवस पर नेता न सही देश का आम जन जरुर माफ़ी मांगना चाहेगा.माफ़ी इसलिए बापू कि हम आम लोग भी आपके बताये रस्ते पर चलने के बजाये इन नेताओ के ही ird गिर्द घूमते नजर आ रहे है। ये प्रार्थना भी कि इतनी शक्ति दो प्रभु कि सत्य और शान्ति के साथ हम सभी देश को चोट पहुँचने वाली ताकतों को नेस्त्नाब्बोत कर सकें।
स्वान्तः सुखाय चैरितेब्ले ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया टीम
Thursday, October 2, 2008
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